Period में ज्यादा चाय पिने से नींद और घबराहट भी हो सकती है।

अगर आप चाय के शौक़ीन है तो हो जाएं सावधान क्योंकि ईआप चाय का अधिक सेवन से परेशानी में पर सकते है, इससे आपको सेहत का नुकसान हो सकता है, हालांकि चाय से दर्द में राहत तो होती ही है लेकिन उससे कहीं परेशानी बढ़ जायेगी.

Period में ज्यादा चाय पिने से नींद और घबराहट भी हो सकती है।

मशाला चाय पिने से period में पेट में जो ऐठन होती है वो कम हो जाता है।Pms बढ़ सकता है मासिक धर्म के दौरान आप अगर चाय या कोफ़ी पि रहे है तो ये जान ले की कैफ़ीन की मात्रा आपके सरीर के अंदर जा रही है .

क्योंकि चाय और कोफ़ी में8न कैफ़ीन जैसे तत्व विद्यमान होते हैं, इससे हृदय गति और रक्तचाप भी बढ़ जाता है ऐसे में आप खुद को असहज महसूस करेंगे।

ब्लैक टी होती है इस दौरान खतहांग चा के नाम से भी ब्लैक टी के नाम को जानते हैं, एक कप चाय या कॉफी में 40 से 60 मिलीग्राम कैफ़ीन की मात्र पाई जाती है, हांग चा को मसाला चाय और असम ब्लैक टी के रूप में भी जानते है

ओलोंग बाली चाय


यह चाय गहरे भूरे रंग की होती है, चीन में एक यह पारंपरिक कार्य है, इसमें ग्रीन टी से पत्तियों से बनाया जाता है, इसमें करीब करीब 30 से 40 मिलीग्राम कैफ़ीन पाई जाती है जो की काफी ज्यादा मात्रा होता है,इसे आलीशान चाय भी कहते हैं।

Green tea ज्यादा नहीं पीना चाहिए।

जापान में इसे माचा के नाम से जानते हैं, इसमें 30 से 40 ग्राम कैफ़ीन पाई जाती है। चीन में लौंग जिंग बजन के लिए ठीक है इसके सेवन से बजन भी कम होता है ऐसा मन गया है, इसमें Polyphonic जैसे तत्व भी बिद्यमान होते हैं, शरीर को आयरन अब्जॉर्ब करने से रोकता है। 

 ग्रीन टी के सेवन से आयरन के level को प्रभावित करता है, देखा जाये तो पहले से मौजूद रहे आयरन को ग्रीन टी का सेवन से कम नहीं होता है 24 घंटे में 1 से 2 वार green tea के सेवन से नुकसान नहीं होता है।

नींद भी उर सकती है एवं घवराहट बढ़ सकती है।

Tunic acid लगभग हर प्रकार के चाय में पाया जाता है, ऐसे में मासिक धर्म के दौरान ये आयरन को कम अवशोषित करता है और अधिक चाय या कोफ़ी पिने से शरीर में आयरन की कमी ,चिड़चिड़ापन,घवराहट, बेचैनी, माथा में दर्द का होना इत्यादि जैसे गंभीर समस्या हो सकती है।

दूध वाली चाय भी करता है नुकसान।



चाय में दूध और कैफ़ीन की मात्रा के मिल जाने से और उसके बाद इसका अत्यधिक सेवन करने से इसके कारण पेट में दर्द बढ़ जाता है तथा पेट में गैस और कब्ज भी हिने लगता है। Dehydration भी होने लगती है।

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