धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में। - Nolshi News - Sabse Tez

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Wednesday, 19 February 2020

धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।

धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।

धार्मिक नेता जो Gujrat से बताया जा रहा है उन्होंने कहा की मासिक धर्म (Menstrual cycle) Menstruating Women मासिक धर्म के समय इस तरह की औरत उस समय  पति के लिए अगर भोजन बनाने का कार्य करती है तो ऐसी परिस्तिथि में अगले जन्म में "janwar जानवर " के रूप में लेती हैं ले सकती। 


धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।



ऐसी मासिक धर्म रहने के बाबजुद महिलायें के हाथ का बना किसी पुरूष को भोजन करने से पुरुष को बैल में  अगले जन्म में जन्मना पर सकता है।

स्वामी swami कृष्णस्वरूप दास जी जो के स्वामीनारायण मंदिर से जुड़े स्वामी हैं उन्होंने भी कुछ टिप्पणियाँ इस बिषय बस्तु पर की है। स्वामी नारायण मंदिर भुज bhuj स्थित श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट (Sri sahjanand girls Institute SSGI ) के नाम से उस महाविद्यालय को चलाया जाता है इसकी प्रधान आचार्य और अन्य महिला स्टाफ ने यह देखने के लिए लगभग 59 से भी ज्यादा adhik लड़कियों को कथित तौर पर अन्तः बस्त्र उतरबा दिए जाने के लिए विबस किया गया, यह देखने sunischit होने के लिए कहीं इस सभी को मासिक धर्म period तो नहीं हो रहा है chal raha hai क्योंकि इन्होंने हॉस्टल का वह नियम तोड़ा था जो पहले से लागु था। 

इसीलिए उसके साथ ऐसा अभद्र व्यबहार किया गया,जिससे अन्य लोगो को खाना बनाने और खाने की मनाही थी, SSGI के head ने hostel rector और चपरासी को घटना को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।

स्वामी जी की इस तरह की विवादित टिप्पणी tippani से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया video social media पर जोरों से viral वाइरल हो रही है, और किया भी जा रहा हो जिससे की अंधविश्वास का पर्दा जाये, स्वामी जी ने कथित तौर कहा ' ".......पुरुष जब कभी भी period (मासिक धर्म) के समय चक्र से गुजर रही महिला से उसके हाथ का बना यदि खाया करते हैं, तो अगला जन्म उनका बैल में हो सकता है। जो की एक विवादित टिप्पणी दिया गया। स्वामी ने कहा आपको अगर मेरे विचार पसंद नहीं आते भी हो तो मुझे कोई फर्क नहीं परता है। 

जबकि यह सभी सास्त्रों में भी लिखा हुआ है, जिसका अनुसरण करना भी जरुरी है, यदि लड़की-महिलाओं  अपने पिता, पति, एवं बच्चों के लिए मासिक धर्म के कर्म में खाना बनाती तो उसका अगला जन्म कुतिया kutiya में होगा। वीडियो कुछ इस तरह कहता हुआ दिखाई-सुनाई देता है, की महिला को पता नहीं होता मासिक धर्म तपस्या करने जैसा माना गया है। ये सब बातें तो आपको बताना तो नहीं चाहता लेकिन आपको आगाह करना जरूर चाहूँगा। 

पुरुषों को भी खाना बनाना सिख लेना चाहिए..... जिससे आपको इस समय में मदद मिल सकती है, video clip में स्थान एवं समय का पता नहीं चल पाया है, ऐसा वीडयो youtube यूट्यूब channel चैनल पर उपलब्ध है।
इस धार्मिक नेता की इस विवादित वयान पर social media सोसल मीडिया पर खूब आलोचना इसकी की जा रही है।



Period (Menstrual Cycle ) :-



ये लड़की-महिला में होने बाली  एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर महीने में चार (४) से सात (७) दिन तक हुआ करती है। सामान्य चक्र 28 दिनों का हुआ करता है,जो सात दिन अथवा सात दिने के निचे तक होता रहता हैं, और इस कारण हर महीने खूनजारी bleed हुआ करती है। अगर किसी को ज्यादा दिन तक मासिक हो रही है तो इसे अनियमितता भी कहा जाता है, इन दिनों लड़की महिलाओं को अनेको तरह की मानसिक शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना परता है।

इसमें पेड़ू व जोड़ो में दर्द तथा जाँघो में सूजन थकना आदि तरह की परेशानी तो होती ही है और सामाजिक परेशानी भी बढ़ जाती है, अनियमितता होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया को दर्शाता है, इस से आंतरिक और शारीरिक की स्वच्छता होने की पहचान भी दिलाती है। इसके बाबजुद  फिर भी समाज में मासिक धर्म के प्रति कुप्रथा चली आ रही हैं। मासिक धर्म के प्रति समाज में गलत धरना आज बिद्यमान होकर फल फूल रहा है।



Period कब होता है  :-



सामान्य तौर पर लड़कियो में मासिक धर्म (period) 12 se 14 year में शुरू हो जाया करती है, और 40 वर्ष बीतने पर स्वतः बंद हो जाया करती है। कुछ समय का आगे पीछे भी ही सकती है।



भारतीय indian women महिलाओं को सामना करना पड़ता है :-


पीरिएड के समय गन्दा खून निकलता है ऐसा मान्यता है की इस समय बहने बाला जो खून शारीर के अंतरंग से निकलता है, गन्दी होती है। अथवा इन दिनों शारीर की गंदगी बाहर निकलती है। जबकि नसों में दौड़ता बहता हुआ अलग होता है, इस समय estrogen Harmon के कारण बच्चेदानी.

बाला खून का और protin के परत टुकड़े होने के साथ साथ vegina के सेल्स tisu होते हैं जो बहुत छोटे होते हैं।
इसी तरह आचार न छूना एवं मंदिर न जाना इस समय के दौरान, कहा जाता है की मासिक धर्म का बहाव उसके मात्रा पर निर्भर करता है की कितना दिन रहेगा।

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