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Wednesday, 26 February 2020

तुलसी की चाय पीने के ढेरों फायदे।

तुलसी की चाय पीने के ढेरों फायदे।


तुलसी एकमात्र ऐसा पौधा है,जो हर घर में जरूर होता है, और पूजनीय तथा पवित्र माना जाता है,लेकिन तुलसी का संबंध सिर्फ धर्म और संस्कृति से नहीं है, तुलसी में औषधीय गुण का भरपूर होने की वजह से सेहत से जुड़ी कई बीमारियों को दूर रखती है।

तुलसी की चाय पीने के ढेरों फायदे।



यूजिनॉल नामक तत्व पाया जाता है, तुलसी के पत्तों में सालों से दवाइयों में जो आयुर्वेदिक के रूप मे काम करती है लेकिन आज हम तुलसी के पत्तों को भूलते जा रहे हैं, यह कई सारी बीमारियों के लिए रामबाण का काम करती है।

जो शरीर में मौजूद स्ट्रेस हार्मोन कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम कर तनाव दूर करने में मदद करता है, आयुर्वेदिक दवा में इसका मुख्य उपयोग किया जाता है,तुलसी की पत्तियों की चाय पीने से कितने फायदे होते हैं, चलिए इसके बारे में कुछ जानते हैं।

सूजन दूर करने में मदद करता है तुलसी की चाय,तुलसी की चाय खाली पेट में तुलसी और इसका पत्ता चबाने से पेट के लिए लाभदायक होता है, इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है, और आप बीमारियों से बचे हुए रहते हैं तुलसी के पत्ते में एंटी ऑक्सीडेंट भी पाई जाती है जो कि शरीर को फ्री- रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बहुत दूर रखता है, चाय तनाव तथा सूजन को भी दूर करता है।

तुलसी की चाय बनाने का सही तरीका।


तुलसी की चाय पीने के फायदे के बारे में जानते हैं दूध - चीनी में तुलसी डालकर चाय बनाने से नुकसान हो जाती है तुलसी की चाय बनाने के लिए सबसे पहले पानी को खूब अच्छी तरह से उबाल लें उसमें 10 से 15 पत्ती तुलसी की धोकर डाल दें इसमें थोड़ी अदरक और इलायची को पीसकर या इसका पाउडर भी डाल सकते हैं, 10 से 15 मिनट तक उबलने के बाद जब चाय अच्छी तरह उबाल जाए, तो उसे छान लें अपने स्वाद अनुसार शहद या नींबू का रस डालकर इसका सेवन नित्य किया करें।

तुलसी की चाय पीने के फायदे ब्लड शुगर जैसे बीमारी के लेबल को कंट्रोल करता है नियमित रूप से तुलसी की चाय अगर सेवन किया जाए तो ब्लड प्रेशर लेवल कंट्रोल में हो जाया करता है, डायबिटीज के मरीज अगर आप हैं।

Tusli  की चाय में शहद का इस्तेमाल ना करें, फैट का मेटाबोलिज में और कार्बोहाइड्रेट जिसमें मौजूद खून में शुगर आपको इनर्जी देने का काम करता है, जो भी पेशेंट्स अर्थथराइट से संबंधित है, अर्थथराइटिस मेंं तुलसी पत्ते से बनी चाय फायदेमंद होती है, एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी तुलसी की चाय में पाई जाती है।

 जोकि जेंट्स में होने वाली सूजन और जलन की समस्या को दूर करने में मददगार साबित होती है, तुलसी की चाय से सूजन के अलावे अर्थराइटिस यानी गठिया की समस्या को दूर कर इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण संभव हो पाता है गठिया से पीड़ित मरीज के लिए तुलसी की चाय फायदेमंद है तथा इसे दूर करने में मदद करता है,

स्ट्रेस दूर करती है तुलसी की चाय।


दूर करती है तुलसी की चाय स्ट्रेस को बेहतरीन तरीके से आयुर्वेदिक नुस्खा है को लेकर स्टडीज में पता चला है की शरीर में मौजूद स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल के लेवल को कम करने और इसे कायम रखने मैं मदद करता है कॉर्टिसोल का लेवल कम हो जाने के तथा लेबल कम रहने के कारण ही स्ट्रेस भी कम हो जाती है, बेचैनी और मूड भी बेहतर बना हुआ रहता है।यह पाचन तंत्र को ठीक करता है।

तुलसी के पत्ता से पाचन तंत्र मजबूत कैसे बनती है।


इसके बारे में जानते हैं तुलसी की चाय पचाने के लिए गैस्ट्रिक जूस को रिलीज करने के लिए उत्तेजित करता है इससे पचना आसानी से होने लगता है तथा कब्ज की दिक्कत को भी तुलसी का पत्ता दूर करता है, लिवर तथा ब्लडर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है, सर्दी जुकाम से तुलसी के पत्ता का चाय बहुत मददगार है।

बदलते मौसम में सर्दी खांसी हो जाना आम बात है, लेकिन इसे दूर करना आयुर्वेद की नजर से देखा जाए तो तुलसी के पत्तों की चाय बनाने से मदद मिलती है इसका एंटी ऑक्सीडेंट खखार था म्यूकस को बाहर निकालने में मदद करता है तुलसी की चाय में एंटीसेप्टिक साथ ही साथ एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज भी पाई जाती है जिसके चलते मौसम बदलते हुए मे सर्दी खांसी जैसे आदि लक्षणों को दूर करने में मदद करता है।

तुलसी की चाय शाम में पीने से रात को अच्छी नींद आती है, आपको अगर नींद कम आने की समस्या है,रात भर बिस्तर में करवटें बदलते रहते हैं तो तुलसी की चाय पी लेने से आपको राहत मिल सकती हैं, ज्यादातर स्ट्रेस के मामलों में की वजह शरीर थक जाता है, दिक्कत होने लगती है तुलसी सेवन करने से स्ट्रेस कम होगा और नींद भी अच्छी आएगी।

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