राजनीतिक दलों को आंकड़ों का इंतजार था 

राजनीतिक दलों को आंकड़ों का इंतजार था

राजनीतिक दल रविवार को मतदान के आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार करते रहे लेकिन आंकड़े मतदान के 24 घंटे बाद जारी हुए। इस मामले पर सीईओ डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि शनिवार को छह बजे के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर देर शाम तक मतदान होता रहा। इसके बाद ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित ले जाकर जमा किया गया और उसे सील किया। इस कार्य में सभी अधिकारी पूरी रात व्यस्त रहे। इसके बाद सुबह 11 बजे से स्क्रूटनी का कार्य शुरू हुआ।

मतदान का डेटा बूथ से आता है 

उन्होंने कहा कि मतदान का डेटा बूथ से आता है। सुबह से ही अलग-अलग विधानसभा के अनुसार मतदान का डेटा सिस्टम में ऑनलाइन डालने का काम चल रहा था। 13,751 बूथों का डेटा एकत्रित कर अपडेट करने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि इस बार कुल 62.59 फीसद मतदान रहा है। 62.62 फीसद पुरुष व 62.55 फीसद महिलाओं ने मतदान किया। पिछले लोकसभा चुनाव में 60.5 फीसद मतदान हुआ था। इस तरह पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में दो फीसद अधिक मतदान हुआ है, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदान 4.33 फीसद कम रहा। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में 67.12 फीसद मतदान हुआ था। इस बार मतदान कम होने के कई कारण हो सकते हैं।

मतदान के आंकड़े जारी करने में देरी पर आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए जाने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने रविवार देर शाम को मतदान के आंकड़े जारी किए। नई दिल्ली जिले में सबसे कम 56.24 फीसद मतदान रहा। जहां तक विधानसभा क्षेत्रों की बात है तो मुस्लिम बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर मतदान हुआ। बल्लीमारन में सर्वाधिक 71.58 फीसद व दिल्ली कैंट में सबसे कम 45.36 फीसद मतदान हुआ है।

11 फरवरी को सुबह आठ बजे Delhi से होगी मतगणना 

सीईओ कार्यालय के अनुसार इस बार चुनाव में कहीं से कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है। 69 विधानसभा क्षेत्रों के स्क्रूटनी का काम शाम सात बजे तक पूरा हो गया था। वहां कोई गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली। करोल बाग विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई थी। 11 फरवरी को सुबह आठ बजे मतगणना का काम शुरू हो जाएगा।

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