10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना गाँव वाले अपने बच्चे से कह रहे है कुछ सीखो इन बच्चे से एक बिहार में किसान का बेटा 10 वीं का टॉपर हो सकता है जिसे ज्यादा सुख सुविधाएं नहीं मिल सकी। और तुम सबको सभी सुबिधा दी गई कोई भी सुविधा से वंचित नहीं रहना पड़ा फिर भी 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट में 10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना तुम नहीं बन सके।

10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना
10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना


10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा का ऐसे होता है भरण-पोषण

सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले सुभाष को आज खुशी का ठिकाना नहीं है। जब उन्हें इस बात का पता चला की उसका बेटा 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट में 10वीं का टॉपर बिहार का बना तो उन्हे लगा की मजाक है, कि एक साधारण किसान परिवार के बच्चे ने प्रदेश में टॉप किया है।

सासाराम: विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मंगलवार को 10वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही रोहतास जिले के नटवार कला गांव में खुशी का माहौल बन गया. गांव के लोग प्रसन्न होकर कामयाब छात्र हिमांशु राज को बधाई देने लगे. हिमांशु 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट में सर्वोच्च अंक लाकर राज्य का 10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना है।

10 वीं का टॉपर हिमांशु राज के पिता किसान

दिनारा प्रखंड के तेनुअज पंचायत के नटवार कला गांव के रहने वाले हिमांशु राज के पिता सुभाष सिंह एक साधारण किसान हैं और सब्जी उपजाकर बेचते हैं और मां अंजू देवी सामान्य गृहणी हैं।

10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा हिमांशु राज का विश्वास

बिहार बोर्ड की परीक्षा में हिमांशु की इस सफलता से उसके गांव के लोग भी बेहद खुश हैं. राज्य में 481 अंक लाकर टॉपर रहे छात्र हिमांशु ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कठिन मेहनत को देते हुए कहा, “मुझे पूरा भरोसा था कि टॉप 10 में जगह बना लूंगा, लेकिन यह विश्वास नहीं था कि बिहार टॉपर बन जाऊंगा.”

10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना
10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा बना

10 वीं का टॉपर बिहार में किसान का बेटा हिमांशु राज की आगे की पढाई

आगे की पढ़ाई के बारे में पूछे जाने पर उसने कहा, “मैं आगे चलकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता हूं.” हिमांशु के पिता ने कहा कि बेटे के 10 वीं की परीक्षा का रिजल्ट का परिणाम ने जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी दे दी है।

इसे भी पढ़ें :- मैट्रिक परीक्षा में 1-10 रैंक वाले छात्रों को आकर्षक इनाम

उन्होंने कहा कि काफी कष्ट झेलकर हिमांशु को पढ़ाया. क्षमता के मुताबिक गांव के ही स्कूल में हिमांशु का नामांकन करा दिया था, लेकिन आज बेटे ने 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट में 10 वीं का टॉपर बन नाम ऊंचा कर दिया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here