स्वस्थ रहने के 10 आसान तरीके अजमायें 

कहीं भी बाहर से घर आने के बाद किसी वस्तु को हाथ लगाने के बाद खाना खाने से पहले, खाना खाने के बाद और बाथरूम का उपयोग करने के बाद, हाथों को अच्छी तरह साबुन और डिटोल से धोएं। यदि आपके घर में कोई छोटा बच्चा है, तो यह और भी जरूरी हो जाता है,हाथ धोने के बाद अच्छे से तोलिया से पोछें, और फिर तब ही बाहर जाएं।

स्वस्थ रहने के 10 आसान तरीके अजमायें



घर में साफ सफाई का ध्यान रखें, विशेषकर रसोई तथा शौचालयों पर पानी को कभी भी इकट्ठा ना होने दें, सिंक वॉश बेसिन आदि जैसी जगहों पर नियमित रूप से सफाई करें तथा फिनाइल फ्लोर करते रहें। किसी वस्तु को खुला न छोड़ें कच्चे और पके हुए खाने को अलग-अलग रखें खाना पकाने तथा खाने के लिए उपयोग में आने वाले बर्तनों को अच्छी तरह साफ करें फ्रिज, ओवन आदि को भी साफ करें। कभी भी गीले बर्तनों को रैक में नहीं रखें उसे हमेशा सुखाकर ही रखें, डिब्बों को भी साफ करें।
 
हमेशा ताजी सब्जियां एवं फलों का प्रयोग करें, उपयोग में आने वाले सामान अनाज तथा अन्य सामग्री का भंडारण भी सही तरीके से करें, तथा एक्सपायरी डेट वाली वस्तुओं का उपयोग ना करें।
 
 
बहु जतिन मसालों से बने वैक्स तथा गरिष्ठ भोजन का उपयोग कम से कम करें, खाने को सही तापमान पर पकाएं ज्यादा पकड़ सब्जियों आदि के पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं, साथ ही ओवन का प्रयोग करते समय तापमान का खास ध्यान रखें, ओवन से निकलने वाले तरंग काफी हानिकारक होते हैं । भोजन पदार्थों को हमेशा ढककर रखें।
खाने में दूध दलिया हरी सब्जियां सलाद साबुत दाल अनाज आदि का प्रयोग अवश्य करें, कोशिश करें कि आप एक संतुलित आहार लें।
खाना पकाने के लिए अनसैचुरेटेड वेजिटेबल ऑयल जैसे सनफ्लावर ऑयल , सोयाबीन ऑयल, मक्का ऑयल का प्रयोग करें, खाने में शक्कर तथा नमक दोनों की मात्रा बराबर रखें। जंग फूड, सॉफ्ट ड्रिंक तथा आर्टिफिशियल शक्कर, सिवनी जूस आदि का प्रयोग ना करें। कोशिश करें कि रात का खाना 8:00 बजे तक हो और यह भोजन हल्का-हल्का हो।
 
सुबह उठकर ब्रश करें और फिर तुरंत एक भारी नाश्ता ले कोशिश करें कि रात में हल्का फुल्का खाना ही खाया करें, क्योंकि रात को मनुष्य कम क्रियाएं करता है जिसके कारण खाना सही ढंग से पचता नहीं है। लेटेस्ट योग को अपनी जिंदगी का एक हिस्सा बनाएं रोज मेडिटेशन एवं योग करें।
कोई भी एक व्यायाम रोज करें, इसके लिए रोजाना कम से कम आधा घंटा दें और वह हम तरीके बदलते रहे जैसे कभी एरोबिक्स करें , तो कभी सिर्फ तेज चलें अगर किसी भी चीज के लिए वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं , तो दफ्तर और घर की सीढ़ियां चढ़ने और तेज चलने का लक्ष्य रखें। कोशिश करें कि ऑफिस में भी आपको बहुत देर तक एक ही पोजीशन में नहीं बैठे  रहना पड़े।
45 की उम्र के बाद रूटीन चेकअप करवाते रहें और यदि डॉक्टर आपको कोई औषधि देते देता है, तो उसे नियमित लें प्रकृति के करीब रहने का समय जरूर निकालें ।

● बच्चों के साथ खेलें अपने पालतू जानवर के साथ दौड़े और परिवार के साथ हल्के-फुल्के मनोरंजन का भी समय निकालें।

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