शांतिपूर्ण तरीकों से हो रहा प्रदर्शन शाहीन बाग में वजाहत हबीबुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा पुलिस ने बंद किया है रास्ता


3 वार्ताकार में से एक वजाहत हबीबुल्ला जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया था उसने सुप्रीम कोर्ट में पुलिस के खिलाफ हलफनामा दायर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है पुलिस ने साइन बाग के आसपास पांच सड़कों के रास्तों को बंद कर रखा है.

शांतिपूर्ण तरीकों से हो रहा प्रदर्शन शाहीन बाग में वजाहत हबीबुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा पुलिस ने बंद किया है रास्ता



इस हलफनामे पर कर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ इस मामले पर सुनवाई करने वाली है. जिसमें पुलिस पर यह आरोप लगाया गया है कि पुलिस के द्वारा बेवजह रास्ता बंद किया गया है इस कारण लोगों को परेशानी हुई है.

वार्ताकार वजाहत हबीबुल्ला ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरुद्ध शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया है उन्होंने अपने हलफनामे में कहां है यहां के रास्ते बंद जरुर हैं लेकिन स्कूल वेन और एंबुलेंस को जाने की इजाजत दी जाती रही है. लेकिन इसकी अनुमति भी पुलिस की चेकिंग के बाद मिलती है.

हम बता दे हबीबुल्ला पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रमुख सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं वजाहत हबीबुल्ला राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के भी अध्यक्ष भी रहे हैं.

शनिवार शनिवार को वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने चौथी बार आकर लोगों से सड़क खाली करने की अपील की लेकिन यहां के प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. इन सभी ने अपने लिए 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने की लिखित आश्वासन मांगा और जामिया नगर हिंसा में दर्ज किया गया मुकदमा वापस लेने की भी मांग की है.

साधना रामचंद्र ने आज डेढ़ घंटे इन प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पर फिर भी अंत में विफल ही रही. आज चौथे दिन भी लगातार वकील संजय हैगडे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए नहीं आए.

हम बता दें वार्ताकार रविवार को अंतिम दिन भी बातचीत कर इस मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे उसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट सोमवार को पेश करेंगे.

इस CAA कानून के खिलाफ मां के ऊपर लगातार प्रदर्शन शाहीन बाग में चल रही है और यहां के बंद रास्ते को खुलवाने के लिए साधना रामचंद्रन न केवल यहां के महिलाओं से बातचीत किया. 

इन प्रदर्शनकारियों से रास्ता बदलने के लिए भी बात किया गया और मनाते हुए देखा गया. मीडिया को भी यहां पर रिपोर्टिंग करने से मना किया गया. पर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के द्वारा एक तरफ की सड़क खोलने के लिए भी अपनी कुछ शर्तें उनके सामने रख दी.

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