विश्व भर में कोरोना के बढ़ते प्रकोप की वजह से फैसला लिया गया की अब तक लॉक डाउन 3 लागू हुआ था 17 मई 2020 तक लेकिन अब लॉक डाउन 4 भी आते हुए नजर आ रहा है। कई राज्यों में इसकी शुरुआत हो चुकी है,सबसे पहले कोरोना को लेकर तेलंगाना में लॉक डाउन 4 के लिए अहम फैसला लिया गया है।

लॉक डाउन को लेकर अहम फैसले

इसके साथ ही पेट्रोल डीजल का कीमत में भी एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार ने बढ़ोतरी कर दिया है, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कहा है कि भारत देश में कोरोना से ग्रसित मरीजों की संख्या कितनी होगी यह मालूम होगा 25 मई 2020 से 5 जून 2020 के बीच में अब तक कुल कोरोना मरीज की संख्या 50000 से पार कर गया है।

लॉक डाउन को लेकर लिए गए अहम फैसले
लॉक डाउन को लेकर लिए गए अहम फैसले

1500 से भी अधिक की मौत हो चुकी है यह इसके सारे डेवलपमेंट से साफ पता चलता है कि भारत देश में इसकी स्थिति अभी भयावह बनी हुई है। लोकडौन में निजात नहीं मिलने की अभी संभावना है, तेलंगना में विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा है कि लोकडौन को बढ़ाने, घटाने ढील ना देने का फैसला राज्य सरकार पर छोड़ देना चाहिए।

जहां तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव उन्होंने कैबिनेट की बैठक करीब 7 घंटे तक की, जिसमें के चंद्रशेखर शेखर राव मुख्यमंत्री ने महसूस किया कि लॉक डाउन को और बढ़ा दिया जाए। कैबिनेट मीटिंग में बैठक के बाद प्रेस में मीडिया को बताया गया कि कहा गया की 17 मई 2020 को समाप्त होने वाला लॉक डाउन था, लेकिन तेलंगना ने तय किया 29 मई 2020 तक लागू रखेंगे।

तेलंगना कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में नहीं आता है फिर भी उसने इसके लिए अहम फैसला लिया पहला दूसरा तीसरा लॉक डाउन की बात किया जाए तो महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली की स्थिति स्थिति है कुछ मामूली ढील ऑरेंज,ग्रीन, रेड जोन में दिया गया था।

तेलगांना में कहा गया कि जिसे भी खरीदारी करनी हो शाम 6:00 बजे तक कर लें, 7:00 बजे बाद संपूर्ण तेलंगाना में कर्फ्यू जैसी स्थिति हो जाएगी के चंद्रशेखर राव तेलंगाना के सीएम ने यह भी कहा कि जिलों में कुछ रियायत बरती गई थी, लेकिन हमने तय किया कि हैदराबाद जैसे दूसरे शहरों में कोई भी रियायत नहीं देने जा रहे हैं,

कोई भी दुकान जो गैर आवश्यक वस्तु की हो नहीं खुलेगी, लॉक डाउन पहले खत्म के बाद लॉक डाउन टू की सबसे पहले के चंद्रशेखर राव ने ऐलान किया था इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐलान किया था। उधव ठाकरे जो कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं उन्होंने ने भी संकेत दिया कि उनके प्रदेश में भी लॉक डाउन 4.0 आएगा किसी भी तरह से वह कोरोनावायरस को ख़त्म करना चाहते हैं।

महाराष्ट्र में इस बात के संकेत से पता चला है कि महाराष्ट्र में भी जल्द ही यह होने जा रहा है, इस तरह देश में कोरोना से होने बाली लॉक डाउन ख़त्म होते नहीं दिख रही है, आप सबको लॉक डाउन के लिए मानसिक से भी तैयार रहना चाहिए। इसके शुरू होने के वक्त या कहा जा रहा था कि यह 1 जून तक चल सकती है।

जिस तरह की परिस्थिति बना हुआ है ऐसे में संपूर्ण मई लॉक डाउन में ही बीतने वाला है। मई का महीना पूरा लॉक डाउन में ही बीतेगा इसके लिए हमें मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। रेल मार्ग, हवाई मार्ग 17 मई तक नहीं आगे तक बंद रहने की संभावना बना हुआ है। ऐसे में स्कूल, थिएटर, इंटरटेनमेंट जोन जैसे इलाकों में को भूल जाना ही पड़ेगा।

पेट्रोल डीजल की कीमत में हुआ इजाफा

बीते रात को पेट्रोल डीजल का कीमत में इजाफा हुआ है, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जहां तेल की कीमत कम होते जा रही है। आर्थिक मार को देखते हुए भारत सरकार ने सोचा कि पेट्रोल डीजल से कीमत बढ़ाकर कुछ खजाना जो खाली हो चुकी है। उसे भर लिया जाए ताकि कोरोनावायरस बीमारी से लड़ाई लड़ सकें।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देर रात को पेट्रोल पर ₹10 और डीजल पर ₹13 प्रति 1 लीटर की एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दिया है मार्च 2020 के बाद यह दूसरी बार ऐसा हुआ है इससे आप समझ सकते हैं कि पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ती जाएगी।

जो बढ़ना शुरू हो भी हो चुका है दिल्ली, पंजाब यूपी जैसे बड़े शहरों में रात को ही बढ़ी हुई कीमत की घोषणा कर दिया गया। पेट्रोल से अधिक डीजल की कीमत की बढ़ोतरी हुई है। बिहार में इसके कोई भी अभी तक निर्देश नहीं प्राप्त है ऐसा पेट्रोल पंप के कुछ मालिकों ने कहा कि मुझे अब तक कोई भी निर्देश नहीं मिला है बिहार सरकार कीमत बढ़ाएगी अथवा नहीं बिहार में कितनी कीमत की बढ़ोतरी होगी इस बिहार सरकार अपना विचार कर रहा है।

पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने पर इसके प्रभाव

पेट्रोल डीजल की कीमत के बढ़ने से महंगाई की मार पड़ने वाली है, ट्रांसपोर्टेशन का चार्ज बढ़ेगा इसके बढ़ने से जहां बसों में 50% कैपेसिटी की बात किया जा रहा है, सोशल डिस्टेंसिंग की बात की जा रही है। ऐसे में किराया भारा बढ़ने का संभावना बढ़ जाएगा। महंगाई कितनी बढ़ जाएगी इसका अंदाजा बड़े-बड़े अर्थशास्त्री भी नहीं लगा पा रहे हैं यह तो तय हो गया कि पेट्रोल डीजल का कीमत आपको महंगा पड़ेगा।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में क्या ऐसा कहा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साइंटिस्ट गंगा खेरकर का कहना है कि कोरोनावायरस देश का वास्तविक स्थिति क्या होगा 25 मई 2020 से 5 जून 2020 के बीच पता चलेगा

25 मई से 5 जून को महत्वपूर्ण तारीख क्यों बताया गया

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साइंटिस्ट गंगा खेड़कर ने कहा कि 25 मई से 5 जून के बीच यह पता चलेगा कि सबसे अधिक कोरोना कि मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकता है, क्योंकि प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने गृह जिलाओं में वापस लाया जा रहा है यह एक बड़ी चुनौती बन जाएगा। कितना मरीज संक्रमित होकर आएंगे, कितना फैला रहे हैं और कितना फैला चुके हैं।

मजदूरों के मांग तो मान लिया गया है लेकिन प्रवासी मजदूरों जो फंसे हुए हैं उन्हें ही वापस बुलाया जा रहा है, जो कि ठीक लॉक डाउन के पहले आए और वहां फंस गए। उसे ही वापस लाया जाएगा यह छात्रों पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए लागू किया गया है। मजदूरी करने गए मजदूरों की वापसी नहीं होगी इसलिए कहा गया कि 25 से 5 जून तक का तारीख महत्वपूर्ण है।

विदेश से बुलाने के लिए किया गया शुरुआत

भारत के विद्यार्थी जो कि विदेश में फंस चुके हैं, उसको भारत सरकार एयर इंडिया एक्सप्रेस की मदद से कुल 64 उड़ान भर सकती है, ऐसा कहा जा रहा है कि 12 देशों में फंसे विद्यार्थी में लगभग 15 हजार के करीब छात्र-छात्राएं हैं। उन सभी को टिकट स्वयं का देना होगा। 14 दिनों का खर्च भी उसे स्वयं ही उठाना होगा। यह चुनौती पूर्ण इसलिए बना है की कई जगहों में बहुत ज्यादा कोरोना वायरस फैला हुआ है आज से ही इसका शुरुआत किया जा रहा है इंडियन एयर इंडिया एक्सप्रेस की मदद से उड़ान भरी जा रही है

बिहार को लॉक डाउन को लेकर सबसे अधिक ट्रेनें प्रवासियों को लाने के लिए मिला है। ऐसा रिपोर्ट द्वारा बताया जा रहा है। बंगाल को सिर्फ दो ट्रेन ही मिला है बिहार में 60 ट्रेनों से प्रवासी मजदूर आएंगे। देखा जाए तो एक ट्रेन में 1200 मजदूर को लाया जा रहा है इस तरह कुल 60 ट्रेनों में से 72000 मजदूरों की वापसी होगी।

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