लंबे इंतजार के बाद बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट आ गया। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कई बार मैट्रिक परीक्षा का आने की तारीख का दावा किया गया, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों की वजह से मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट में देरी हो गई। वैसे बिहार बोर्ड ने 12वीं क्लास का रिजल्ट काफी पहले जारी कर दिया था। मार्च में ही 12वीं परीक्षा का रिजल्ट आ गया था।

मैट्रिक परीक्षा
मैट्रिक परीक्षा में 1-10 रैंक वाले छात्रों को आकर्षक इनाम

 10वीं  परीक्षा का रिजल्ट लॉकडाउन कुछ तकनीकी खामियों की वजह से फंस गया। मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट के साथ ही टॉपरों की भी लिस्ट आ गई है। असल में बिहार बोर्ड के टॉपरों के मूल्यांकन की प्रक्रिया काफी सख्त है। Bihar Board Online, इतनी सख्त प्रक्रिया से गुजरने के बाद टॉपरों को मैट्रिक परीक्षा बिहार बोर्ड की ओर से काफी आकर्षक पुरस्कार भेंट किया जाता है जिसमें नकद इनाम के साथ लैपटॉप भी शामिल है। टॉपरों को मिलने वाले इनाम के बारे में आगे आप विस्तार से समझ सकते हैं…

Bihar Matric Topper award: इस बार इनाम का पूरा विवरण

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि हर साल 1 से 10 रैंक वालों को अवार्ड दिया जाता है। इस बार भी दिया जाएगा। अवॉर्ड की डीटेल्स इस तरह से है…

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में 1-10 रैंक वाले छात्रों को मिलने वाले आकर्षक इनाम

  • रैंक 1- 1 लाख रुपये और एक लैपटॉप
  • रैंक 2- 75 हजार रुपये और एक लैपटॉप
  • रैंक 3- 50 हजार रुपये, एक लैपटॉप और ई-बुक
  • रैंक 4 से 10 तक- 10 हजार रुपये और एक लैपटॉप

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Bihar Topper Scam: बिहार टॉपर घोटाला

वर्ष 2016 और 2017 में बिहार बोर्ड की काफी फजीहत हुई थी। फजीहत का कारण था-बिहार बोर्ड टॉपर घोटाला। वर्ष 2016 में 12वीं क्लास में आर्ट्स टॉपर बनी थी रुबी राय। वहीं, साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ और साइंस में थर्ड टॉपर राहुल कुमार बने थे। पत्रकारों ने जब उनका इंटरव्यू लिया तो बड़ा घोटाला सामने आया।

वे लोग मामूली सवालों का भी जवाब नहीं दे पाए। जैसे, रुबी राय से जब पॉलिटिकल साइंस बोलने को कहा गया तो उन्होंने उसे ‘प्रोडिगल साइंस’ बताया और कहा कि इसका खाना-पकाना से संबंध है। साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ को इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के बारे में ही पता नहीं था। फिर 2017 में आर्ट्स टॉपर बने गणेश कुमार। गणेश कुमार ने एक तो अपनी उम्र छिपाई थी। दूसरा उनको संगीत के बारे में सही से जानकारी नहीं थी जबकि उनको उस विषय में 70 में से 65 नंबर मिले थे।

Bihar Board Topper Verification: मूल्यांकन की सख्त प्रक्रिया

इस घटना के बाद से बिहार बोर्ड ने मूल्यांकन की तीन स्तरीय प्रणाली को अपनाया है। इस प्रणाली का पहला चरण तो आम चरण है यानी सभी छात्रों की आंसरशीट या उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होता है। जब सारी कॉपियों का मूल्यांकन हो जाता है तो उन छात्रों की कॉपियों को अलग कर लिया जाता है जिनके सबसे ज्यादा नंबर आए हैं। करीब 100 ऐसे छात्रों की कॉपियों को अलग कर लिया जाता है।

मैट्रिक परीक्षा में 1-10 रैंक वाले छात्रों को आकर्षक इनाम
मैट्रिक परीक्षा में 1-10 रैंक वाले छात्रों को आकर्षक इनाम

फिर उन कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन किया जाता है। उनके मूल्यांकन के लिए प्रत्येक विषय के विशेषज्ञों की एक कमिटी का गठन किया जाता है। यहां से मामला क्लियर होने के बाद सबसे ज्यादा नंबर लाने वाले छात्रों या टॉपरों का फिजिकल वेरिफिकेशन या इंटरव्यू होता है। इंटरव्यू भी विशेषज्ञों की एक कमिटी लेती है।

इंटरव्यू के लिए छात्रों को पटना बुलाया जाता है लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से वॉट्सऐप या ऑनलाइन ही इंटरव्यू हुआ है। इस पूरी कवायद का मकसद यह आश्वस्त करना होता है कि छात्रों ने अपने दम पर ही नंबर हासिल किया है, किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं किया है।

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This Year Class 10th Matric Result 1st Rank Topper

  1. Total Overall Passing Percentage : 80.59%
  2. Topper Name : Himanshu Raj
  3. Total Male Candidate Passed : 613485
  4. Total Female Candidate Passed : 590546
  5. Scrutiny Fees : 70/- Each Subject

Bihar Board Fake Topper List Goes Viral: वायरल हुई फर्जी टॉपर लिस्ट

इस बार रिजल्ट आने से पहले बिहार बोर्ड की एक फर्जी टॉपर लिस्ट वायरल हो गई थी। उसमें सावन राज भारती को टॉपर दिखाया था। इसी से टॉपर लिस्ट के फर्जी होने का पता चला। दरअसल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र सावन राज भारती ने पिछले साल बिहार मैट्रिक टॉप किया था। पिछले साल 18 टॉपरों में से 16 सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र थे।

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