आज विश्व में कोरोना कोविड-19 वायरस का खतरा से जहां दुनिया अछूती नहीं है, वहीं भारत में भी इसका प्रभाव जोरों पर देखा जा रहा है, जोकि कोरोनावायरस भारत में थमने का नाम नहीं ले रहा।

भारत मे कोरोना के प्रभाव में गंगा

भारत मे कोरोना के प्रभाव में गंगा आई
भारत मे कोरोना के प्रभाव में गंगा आई

ऐसे में भारत में कोरोना वायरस के प्रभाव में गंगा भी आ गई है, बता दें कि कोरोनावायरस के बढ़ते संकट को रोकने के लिए भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉक डाउन करवाया, जिससे कि पूरा देश में इस वायरस से कम से कम लोगों को चपेट में ले सके।

भारत में लोक डाउन हो जाने पर गंगा भी अछूती नहीं रही, कोरोना वायरस में किए गए लोग डाउन से जहां गंगा नदी में कूड़ा कचरा और बड़ी-बड़ी कंपनी (फैक्ट्री) का गंदगी गिरना कम हो गया है, बस यही वजह है कि गंगा नदी का पानी अब देखने लायक बनता है।

गंगा नदी का पानी काफी साफ नजर आता हुआ दिखाई दे रहा है, भारत में आज गंगा नदी साफ हो पाया तो इसका वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए लॉक डाउन की वजह से ऐसा संभव हो पाया है।

गंगा नदी के पानी को साफ करने के लिए बहुत सारी स्कीम लाया गया, लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए गए। लेकिन जो सफलता लोक डाउन में मिला है, वह इससे पहले देखने को नहीं मिल पाया था।

आज बड़े बड़े शहर जैसे हरिद्वार यूपी से गुजरते हुए कानपुर पटना बिहार की राजधानी जैसे बड़े शहरों में गंगा नदी कि आज यह स्थिति देखने लायक बनता है तो वह लॉक डाउन है।

यहां का हवा पानी पर्यावरण और आकाश अब साफ नजर आ रहे हैं, उत्तराखंड से निकलती हुई गंगा नदी यूपी के कानपुर वाराणसी के पास तथा बिहार की राजधानी पटना पहुंचने वाली गंगा नदी लॉक डाउन होने से गंगा नदी का पानी साफ हो गई है।

कोरोना वायरस में हुए लोग डाउन के बाद गंगा नदी का साफ पानी का खूबसूरती देखने लायक है, हरिद्वार में भी देखा जाए तो गंगा नदी के पानी में सुधार होता हुआ नजर आ रहा है।

कानपुर में बंद फैक्ट्री की वजह और Lockdown के कारण बंद फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी आज गंगा में नहीं गिरने से ऐसा संभव हो पाया है, जिससे कि आप और हम सब गंगा नदी के साफ पानी को देख सकते हैं।

वही वाराणसी में भी पहले से ज्यादा गंगा नदी के पानी को साफ दिखता हुआ नजर आ रहा है, स्थानीय लोगों की जानें तो कहा जा रहा है कि इसका एक ही वजह है फैक्ट्री बंद हो जाने से ऐसा संभव हो पाया है।

दूषित जल से गंगा नदी दूषित हो गई थी गंगा नदी में फैक्ट्री का गंदा पानी नहीं गिरने के कारण गंगा नदी अब शुद्ध होती दिख रही है। गंगा नदी का पानी पटना में दुर्गंध आया करती थी, वही पटना में गंदा कचरा कूड़ा फेंकना आदि प्रकार की गंदगी फैलाना बंद हो जाने से दुर्गंध आना गंगा नदी के पानी से बंद हो गया है।

वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो यमुना नदी भी फैक्ट्री के गंदे पानी गिरने से काला हो गई थी, आसपास के लोग नजदीक से गुजरने पर नाक बंद कर गुजरा करते थे। दिल्ली में बहने वाली यमुना नदी के पानी से इतना ज्यादा दुर्गंध आया करता था।

ऐसा आम दिनों में हुआ करता था, परंतु लॉक डाउन के दौरान कोई भी यमुना नदी में गंदगी कचरा नहीं गिर रहा है, जिससे यमुना नदी का बहाव साफ तौर पर देख सकते हैं। इंडस्ट्रियल एक्टिविटी नहीं होने से ऐसा हो पाया है।

अगर भारत में कोरोनावायरस की वजह कोविड-19 के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोक डाउन नहीं करवाए हुए होते तो आज गंगा नदी इतना साफ एवं यमुना नदी का पानी की स्वच्छता आप को देखने को नहीं मिल पाता।

पिछले 30 सालों में 33000 करोड़ लगभग खर्च होने पर भी ऐसा नहीं हो पाया था, जो कि भारत में अभी गंगा नदी का पानी को साफ होते हुए में देखा जा रहा है,ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिर्फ लॉक डाउन करवाये गए की बजह से हवा में स्वच्छता एवं नदी में निर्मलता हो पाई है। प्रदूषण की कमी से पर्यावरण भी स्वच्छ हो गया है, आकाश साफ दिखाई देता है।

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