भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार को निशाना बनाया.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ने कहा सरकार भारतीय इकोनामी मैं हो रहे स्लो डाउन को स्वीकार नहीं करती है, यह इतनी खतरनाक बात है कि जब उन्हें इस समस्या के बारे में पता ही नहीं है इसका इलाज इसका उपाय भी नहीं खोज रहे हैं. 

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार को निशाना बनाया.



मनमोहन ने अपनी या बात योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मॉन्टेक्स सिंह आलू बारिया की किताब बैक स्टेज द स्टोरी बिहाइंड इंडिया आज हाई ग्रोथ इयर्स के विमोचन के इस शुभ मौके पर किया.

3 साल में किसान की आय दुगनी कैसे होगी


पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन नहीं योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष के किताब में यूपीए सरकार किए गए अच्छे काम और खराब कामों के बारे में किताब में लिखा गया है इस पर चर्चा होती है लेकिन यह मोदी सरकार भारतीय इकोनामी के स्लो डाउन को मानती ही नहीं है.

यह भारत देश के लिए अच्छा नहीं हो सकता 2024-25 मैं 5 मिलीयन डॉलर हासिल करने वाली सरकार के दावा को सकारात्मक सोच बताता है लेकिन हमें यह बात बिल्कुल भी समझ नहीं आती कि हमारे देश के किसानों की इनकम मैं दुगनी वृद्धि कैसे होगी.

योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा है की भारत में 8% विकास दर के लिए काम करने की आवश्यकता है और इसके लिए वित्तीय नीति के बारे में भारत सरकार को सोचना चाहिए. इसके लिए टैक्स को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है. 

मनमोहन ने कहा कि मैं पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव एवं पी चिदंबरम और योजना आयोग के उपाध्याय का आभारी रहूंगा. जिन्होंने साल 1990 मैं व्यवस्था में उदारवाद लाने के मामले में सहयोग किया था.

किसानों की आय 3 साल में दोगुनी किस तरह होगी समझ नहीं आता
एक कार्यक्रम के डिस्कशन के दौरान वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार सुब्रमण्यम ने कहा था भारतीय अर्थव्यवस्था को आज आईसीयू की जरूरत हो चुकी है.

मैं ऐसा नहीं मानता हूं, और आपसे किसी भी देश की बीमार अर्थव्यवस्था को किसी व्हील चेयर में बिठाकर आईसीयू लेकर जाया जा रहा है और वही कुछ ऐसे डॉक्टर जो इसके लायक नहीं है वह उनका इलाज कर रहे हो. क्योंकि मरीजों को आईसीयू के बाहर ही रोक दिया जाता है

भारत में बेरोजगारी काफी बढ़ रही है 


भारत के हालात ऐसे हो गए हैं की इसमें बेरोजगारी काफी बढ़ रही है खपत में गिरावट भी है पर फिर भी हमारी मोदी सरकार कहती है सब ठीक ठाक है. इन सभी बातों का सिर्फ एक ही मतलब निकलता है कि हमें अर्थशास्त्र के किताबों को फिर से दोबारा लिखना होगा. क्योंकि सारे इंडिकेटर को देखें तो यही लगता है कि हमारी अर्थव्यवस्था बिल्कुल पिछड़ रही है.

ऐसे हालात में हमारे भारत की जीडीपी ग्रोथ 7-8% कैसे बढ़ जाएगी. मुझे लगता है और मैं यह कहना चाहता हूं की हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना इस्तीफा तुरंत दे दे और यह मेरी उनके लिए सलाह भी है

इस न्यूज़ को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अगर अभी तक आपने Nolshi News की वेबसाइट को सब्सक्राइब नहीं किया तो अभी करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here