कैसे चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया को इनडायरेक्टली कंट्रोल करती है जो चाइना आज भारत के साथ कर रहा है वही वह ताइवान हांगकांग और तिब्बत जैसी देशों के साथ भी कर रहा है। 

कैसे चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया को कंट्रोल करती है
कैसे चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया को कंट्रोल करती है

Chinese government’s unfair trade and economic practices

1. चाइना को जब डब्ल्यूटीओ की मेंबरशिप मिली थी तब उसने यह वादा किया था कि वह विदेशी कंपनियों को भी चाइना में ट्रेड करने की इजाजत देगा और अपनी trade policies को Liberalise करेगा मगर उसने ऐसा किया नहीं इसका जीता जागता उदाहरण है YouTube Google Facebook Amazon और Twitter जैसी कंपनियां जो चाइना में बैन है चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी और चाइना ने इन्हे या  कहकर बैन किया है कि यह चाइना की आंतरिक सुरक्षा के लिए सही नहीं है और अपने देश में चाइना ने इन्हीं कंपनियों का बिल्कुल clone तैयार करके रखा है जो बिल्कुल इन्हीं की cut copy paste है (You ku , we chat , Alibaba

2. चाइना छोटी देशों जैसे आफ्रिकी देशो को हजारों करोड़ उधार पर देता है और उन देशो के पास इतना पैसा नहीं होता कि वह चाइना को वापस कर सके जिसके कारण चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी चाइना उनकी जमीन और इंटरनल institutions को अपने अंदर कर लेता है इसका जीता जागता एग्जांपल है जांबिया केनिया जैसे देश जहां चाइना ने जांबिया की नेशनल इलेक्ट्रिसिटी कंपनी को खरीद लिया है वहीं पर केन्या ने अपने सबसे बड़े पोर्ट को चाइना को दे दिया है और अगली बारी नाइजीरिया की है.


चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया को कंट्रोल कैसे करती है


जहां चाइना ने करोड़ों की लागत से एक डैम बनाया और उसका खर्च ना चुका पाने के कारण नाइजीरिया अपनी कुछ जमीन को चाइना के नाम कर रही है, और ऐसा सिर्फ चाइना अफ्रीकन देशों के साथ ही नहीं बल्कि एशियन देशों के साथ भी कर रहा है जैसे श्रीलंका जहां की एक समुद्री पोत को चाइना ने खरीद लिया है और मालदीव्स जहां की एक पूरी आईलैंड को चाइना ने खरीद लिया है और ना जाने कितनी ही देशों के साथ चाइना यही कर रहा है .

कैसे चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी पूरी दुनिया को कंट्रोल करती है

3. चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी अपने देश के उत्पादों को दूसरे देशों में डंप करता है इसका मतलब है वह अपने उत्पादों को इतनी कम कीमत पर दूसरे देशों के बाजारों में लाता है कि उस देश की घरेलू उत्पाद कंपनियां बिल्कुल खत्म हो जाती है और एक तरह से चाइना उस देश के पूरे बाजार को अपने अंदर कर लेता है. इसी तरह चाइना पूरे दुनिया को अपने अंदर रखता है.

और अब जानते हैं इसका समाधान क्या है 

सच कहूं तो इसका कोई ऐसा इलाज नहीं है जो तुरंत प्रभाव दिखाएगा मगर कई सारी चीजें हैं जिससे हम चाइना का प्रभाव दूसरे देश पर डालने से रोक सकते हैं.

  1. इसका सबसे सटीक इलाज तो  trade war है मगर यह भारत जैसे प्रगतिशील देशों के लिए संभव नहीं है इससे हमारा ही नुकसान होगा लेकिन लेकिन बड़े देश जैसे अमेरिका और रसिया जैसे देश अपने घाटे पर ट्रेड वॉर लड़ सकते हैं. 
  2. दूसरा इलाज यह है कि हम चाइना पर ध्यान ना दे करके अपने घरेलू उत्पादों को बढ़ावा दें इससे चाइना से आने वाली इंपोर्ट्स में कमी आएगी और देश मैं रोजगार भी उत्पन्न होगा , मगर भारत में बिल्कुल इसका उल्टा हो रहा है हम चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी  की कंपनियों पर और भी निर्भर होते जा रहे हैं इसका कारण है हमारे देश के उत्पाद थोड़े महंगे होते हैं और उसी उत्पाद को चाइना लगभग आधी कीमत में बना लेता है.
  3. तीसरा इलाज यह है कि हम trade barriers को खासकर चाइनीस कंपनियो के लिए बढ़ा सकते हैं मगर यह WTO के रूल्स के खिलाफ है लेकिन बड़े देश इसका आसानी से फायदा उठा लेते हैं और नियमों को तोड़ देते हैं और उनको कोई कुछ कहता भी नहीं.
  4. चौथा इलाज है की हम अपनी inflation rates को काबू में रखें जिससे महंगाई पर भी लगाम लगेगी.
  5. पांचवा और सबसे अच्छा इलाज यह है कि हम अपने देश की शिक्षा व्यवस्था को अच्छा करें जिससे आबादी भी नियंत्रण में आएगी और आबादी नियंत्रण में आने से लगभग सारी समस्याएं दूर हो जाएगी, कम आबादी होगी तो लोग ज्यादा से ज्यादा संसाधनों का उपयोग कर पाएंगे, जिससे नौकरियां बढ़ेगी और चाइना पर हमारी निर्भरता भी बहुत कम हो जाएगी.

आखरी बात मै यह कहना चाहता हूं कि जीन चीजो के पैसे हम दे चुके है उन्हे तोडने से कुछ नही होगा हमे प्रण लेना होगा कि हम आगे से स्वदेशी समानो का ही प्रयोग करें। यह खबर आप तक पहुंचाई हमारे संवाददाता प्रेम प्रसून ने

जय हिंद जय भारत – Nolshi News – Sabse Tez

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