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Wednesday, 19 February 2020

23:47

विधायक लक्ष्‍मण सिंह ने कंप्यूटर बाबा को फर्जी कहा समाज में ऐसे बाबाओं कि कोई जगह नहीं

विधायक लक्ष्‍मण सिंह ने कंप्यूटर बाबा को फर्जी कहा समाज में ऐसे बाबाओं कि कोई जगह नहीं 
                                                                                                                                      
दिग्विजय सिंह के अपने छोटे भाई एवं चांचौड़ा के विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि मप्र नदी न्यास अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा को आज फर्जी कहा है। आज के दिन बुधवार को लक्ष्‍मण सिंह को बोला है कि हमारे  "शिक्षित समाज में ऐसे फर्जी बाबाओं की कोई जगह नही होनी चाहिए। जो भी बाबा तपस्या किया करते हैं, सिर्फ वही सही में संत हैं, उनको हीं सारी दुनिया मानती आयी है। मैं भी ऐसे हीं किसी संत को मानते आया हूं। लेकिन हमारा आज के शिक्षित समाज के लोग ऐसे कम्प्यूटर बाबा जैसे फर्जी बाबाओं को अपने समाज स्वीकार नहीं करते हैं।


विधायक लक्ष्‍मण सिंह ने कंप्यूटर बाबा को फर्जी कहा समाज में ऐसे बाबाओं कि कोई जगह नहीं


लक्ष्‍मण ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के नेता इन फर्जी बाबाओं को साथ रखेंगें तो भविष्य उन्हें जरूर नुकसान होने कि संभावना पुरी है। पहले भी हमने देखा है ऐसे फर्जी बाबाओं से कांग्रेस पार्टी को काफी नुकसान होगा। कंप्यूटर बाबा के दिये गये 17 फरवरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यह फर्जी बाबा जिस  मामले में को जानते भी नहीं उस मामले पर भी अपनी राय रख देते हैं। 

जब बाबा से  लक्ष्मण सिंह के दिये  बयान पर कम्प्यूटर बाबा ने बोला की जो भी लक्ष्‍मण सिंह को अच्छा लगे वो बोल सकते है, पर मुझे जो भी सही लगता है वोहीं मे लोगो से कहता हुँ। कम्प्यूटर वाले बाबा ने यह भी जोर देकर कहा कि हर अच्छा काम करने वाले व्‍यक्ति के सामने परेशानि आती रहती हैं। 

लक्ष्‍मण ने कहा जनता को अपमान न किया करे कम्प्यूटर बाबा 


विधायक लक्ष्मण ने कहा  'मैं पांच बार लोकसभा और  तीसरी बार में विधानसभा में चुना गया हुँ। अगर मैंरे द्वारा एसे हीं कोई अनर्गल बातें किया होता तब इतनी बार में नहीं चुना जाता जनता  द्वारा।

उन्‍होनें कहा कि कंप्यूटर बाबा का कहना है कि मैं अनर्गल बाते कहता हुँ तो में सिर्फ यही कहुंगा कि यह अपमान उन्होने मेरा नहीं किया है, कई मतदाताओं का अपमान किया है, जिस जनता ने मुझे पांच बार लोकसभा एवं तीसरी बार विधानसभा में चुन कर खड़ा किया है। कम्‍प्‍यूटर बाबा से सिर्फ में एक हीं बात कहुंगा  कि वे हमारी जनता को अपमानीत न करें।

कांग्रेस की आड़ में खेल खेलना बंद करें बाबा : लक्ष्मण सिंह 


कंप्यूटर बाबा कांग्रेस पार्टी की आड़ में अपना धिनौना खेल न खेलें करें तो यह उनके लिए अच्छा होगा। विधायक लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस पार्टी को ऐसे फर्जी बाबाओं से अपनी दूरियां बनाने को कहा और उन्‍होंनें यह भी बोला कि ऐसे बाबा लोगो से केवल पार्टी को नुकसान हीं होता है कभी कोई लाभ नहीं होगा। और इन्होने कहा की इनकी आस्था सच्चे साधू-संतों पर है पर ऐसे फर्जी बाबाओं पर नहीं इसलिए हीं में हमेशा ऐसे बाबाओं के खिलाफ हमेशा खड़ा रहुंगा।

23:43

धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।

धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।

धार्मिक नेता जो Gujrat से बताया जा रहा है उन्होंने कहा की मासिक धर्म (Menstrual cycle) Menstruating Women मासिक धर्म के समय इस तरह की औरत उस समय  पति के लिए अगर भोजन बनाने का कार्य करती है तो ऐसी परिस्तिथि में अगले जन्म में "janwar जानवर " के रूप में लेती हैं ले सकती। 


धार्मिक नेता ने ऐसा क्या कह दिया मासिक धर्म के बारे में।



ऐसी मासिक धर्म रहने के बाबजुद महिलायें के हाथ का बना किसी पुरूष को भोजन करने से पुरुष को बैल में  अगले जन्म में जन्मना पर सकता है।

स्वामी swami कृष्णस्वरूप दास जी जो के स्वामीनारायण मंदिर से जुड़े स्वामी हैं उन्होंने भी कुछ टिप्पणियाँ इस बिषय बस्तु पर की है। स्वामी नारायण मंदिर भुज bhuj स्थित श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट (Sri sahjanand girls Institute SSGI ) के नाम से उस महाविद्यालय को चलाया जाता है इसकी प्रधान आचार्य और अन्य महिला स्टाफ ने यह देखने के लिए लगभग 59 से भी ज्यादा adhik लड़कियों को कथित तौर पर अन्तः बस्त्र उतरबा दिए जाने के लिए विबस किया गया, यह देखने sunischit होने के लिए कहीं इस सभी को मासिक धर्म period तो नहीं हो रहा है chal raha hai क्योंकि इन्होंने हॉस्टल का वह नियम तोड़ा था जो पहले से लागु था। 

इसीलिए उसके साथ ऐसा अभद्र व्यबहार किया गया,जिससे अन्य लोगो को खाना बनाने और खाने की मनाही थी, SSGI के head ने hostel rector और चपरासी को घटना को लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।

स्वामी जी की इस तरह की विवादित टिप्पणी tippani से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया video social media पर जोरों से viral वाइरल हो रही है, और किया भी जा रहा हो जिससे की अंधविश्वास का पर्दा जाये, स्वामी जी ने कथित तौर कहा ' ".......पुरुष जब कभी भी period (मासिक धर्म) के समय चक्र से गुजर रही महिला से उसके हाथ का बना यदि खाया करते हैं, तो अगला जन्म उनका बैल में हो सकता है। जो की एक विवादित टिप्पणी दिया गया। स्वामी ने कहा आपको अगर मेरे विचार पसंद नहीं आते भी हो तो मुझे कोई फर्क नहीं परता है। 

जबकि यह सभी सास्त्रों में भी लिखा हुआ है, जिसका अनुसरण करना भी जरुरी है, यदि लड़की-महिलाओं  अपने पिता, पति, एवं बच्चों के लिए मासिक धर्म के कर्म में खाना बनाती तो उसका अगला जन्म कुतिया kutiya में होगा। वीडियो कुछ इस तरह कहता हुआ दिखाई-सुनाई देता है, की महिला को पता नहीं होता मासिक धर्म तपस्या करने जैसा माना गया है। ये सब बातें तो आपको बताना तो नहीं चाहता लेकिन आपको आगाह करना जरूर चाहूँगा। 

पुरुषों को भी खाना बनाना सिख लेना चाहिए..... जिससे आपको इस समय में मदद मिल सकती है, video clip में स्थान एवं समय का पता नहीं चल पाया है, ऐसा वीडयो youtube यूट्यूब channel चैनल पर उपलब्ध है।
इस धार्मिक नेता की इस विवादित वयान पर social media सोसल मीडिया पर खूब आलोचना इसकी की जा रही है।



Period (Menstrual Cycle ) :-



ये लड़की-महिला में होने बाली  एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर महीने में चार (४) से सात (७) दिन तक हुआ करती है। सामान्य चक्र 28 दिनों का हुआ करता है,जो सात दिन अथवा सात दिने के निचे तक होता रहता हैं, और इस कारण हर महीने खूनजारी bleed हुआ करती है। अगर किसी को ज्यादा दिन तक मासिक हो रही है तो इसे अनियमितता भी कहा जाता है, इन दिनों लड़की महिलाओं को अनेको तरह की मानसिक शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना परता है।

इसमें पेड़ू व जोड़ो में दर्द तथा जाँघो में सूजन थकना आदि तरह की परेशानी तो होती ही है और सामाजिक परेशानी भी बढ़ जाती है, अनियमितता होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया को दर्शाता है, इस से आंतरिक और शारीरिक की स्वच्छता होने की पहचान भी दिलाती है। इसके बाबजुद  फिर भी समाज में मासिक धर्म के प्रति कुप्रथा चली आ रही हैं। मासिक धर्म के प्रति समाज में गलत धरना आज बिद्यमान होकर फल फूल रहा है।



Period कब होता है  :-



सामान्य तौर पर लड़कियो में मासिक धर्म (period) 12 se 14 year में शुरू हो जाया करती है, और 40 वर्ष बीतने पर स्वतः बंद हो जाया करती है। कुछ समय का आगे पीछे भी ही सकती है।



भारतीय indian women महिलाओं को सामना करना पड़ता है :-


पीरिएड के समय गन्दा खून निकलता है ऐसा मान्यता है की इस समय बहने बाला जो खून शारीर के अंतरंग से निकलता है, गन्दी होती है। अथवा इन दिनों शारीर की गंदगी बाहर निकलती है। जबकि नसों में दौड़ता बहता हुआ अलग होता है, इस समय estrogen Harmon के कारण बच्चेदानी.

बाला खून का और protin के परत टुकड़े होने के साथ साथ vegina के सेल्स tisu होते हैं जो बहुत छोटे होते हैं।
इसी तरह आचार न छूना एवं मंदिर न जाना इस समय के दौरान, कहा जाता है की मासिक धर्म का बहाव उसके मात्रा पर निर्भर करता है की कितना दिन रहेगा।
23:38

दिल्‍ली सुप्रीम कोर्ट से नियुक्‍त किये गये मघ्‍यस्थ आज शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मुलाकात किया

दिल्‍ली सुप्रीम कोर्ट से नियुक्‍त किये गये मघ्‍यस्थ आज शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मुलाकात किया



दिल्‍ली सुप्रीम कोर्ट से नियुक्‍त किये गये मघ्‍यस्थ आज शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मुलाकात किया


दिल्‍ली के सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग ने नियुक्त किये गये मध्यस्थ के लिए बुधवार दोपहर को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के लिए आये। वार्ताकार एडवोकेट संजय हेगड़े एवं एडवोकेट साधना रामचंद्रन के द्वारा दिल्‍ली के सुप्रीम कोर्ट के दिये आदेश को यहॉं आकर पढ़कर भी सुनाया। एडवोकेट साधना रामचंद्रन ने शाहीन बाग के प्रदर्शन कारीयो को कहा कि जिस तरह हक प्रदर्शन करना है, ठीक उसी प्रकार यहॉं और आस पास के दूसरे लोगो का भी अधिकार है। 

वे आसानी से इन सड़कों पर चल और अपनी दुकानों को भी  खोल पाएं। मध्यस्थों के द्वारा सभी प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने से पहले ही मीडिया से हटने की अपील भी किया है। इस शाहिन बाग के प्रदर्शन के कारण करीब दो महीने से बंद पडे इस शाहीन बाग के रास्ते को खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जर्ज ने प्रदर्शन कर रहे लोगो से बातचीत कर मामला समाप्‍त करने के लिए इन मध्यस्थों की नियुक्ति शाहीन बाग के ली की गयी थी।

मघ्‍यस्‍था ने कहा कि हक वहीं तक होता है, जहां तक दूसरो का हक प्रभावित न किया जाए


शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों को आज संबोधित करते हुए एडवोकेट साधना रामचंद्रन ने कहा- कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यह कहा गया है कि आप सभी को आंदोलन करने का हक है और हमारे देश का संविधान भी यही करता है। लेकिन एडवोकेट ने यह भी कहा है कि  हमारी जैसे और भी नागरिक हैं, जो शाहीन बाग के इस रास्ते से हमेशा आते-जाते रहते हैं। और रोज स्कुल के बच्चे स्कूल एवं ऑफिस के लोगो का इसी रास्‍ते से आना जाना होता हैं। ये उनका अधिकार भी हैं।

आप सभी प्रदर्शनकारीयों का हक वहीं तक होना चाहिए, जिससे कि किसी दूसरे का भी हक प्रभावित न होता हो। सड़क, पार्क, ब्रिज एवं कोई भी ऐजी जगह जो सबसे लिए सार्वजनिक है ऐसी सभी जगह सार्वजनिक सुविधाएं के तहक आती हैं। उन्‍होने कहा हम आपकी सारी बातें यहॉं सुनेंगे।

और मुझे यह पुरे भरोसे और विश्वास हम और आप सभी लोग मिल कर इसका जरूर कुछ ऐसा हल निकालेनगें जो न सिर्फ भारत के इतिहास में बल्कि सारी दुनिया के लिए शाहीनबाग एक मिसाल बन जाएगी। इन एडवोकेट ने बोला कि हम लोग बिना मीडिया के आप सभी प्रदर्शनकारियों से बातचीत आज करने आये है। और हमारे बिच जो भी बातचीत होगी उसकी जानकारी किसी भी मीडिया चैनल को बाद में दी जाएगी। 

शौशल मिडिया ट्विटर पर भी लोगों से शाहीन बाग पर सुझाव मांगे


शाहीन बाग में प्रदर्शनकारीर्यों के बिच मे पहुंचकर संजय हेगड़े साहब ने बोला है कि हमें आप सभी के बीच में आने के आदेश दिल्‍ली के सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। आप लोगो से उम्मीद करता हुँ कि हमारी आप सबसे बातचीत होगी एवं आप सभी के सहयोग अगर मिलेगा तो हम इस मुद्दे को जल्‍द हीं हल भी कर लेंगे। 

इन्‍होनें बोला कि हम दोनो सुप्रीम कोर्ट की और से आये हुए वकील हैं और हम यहॉं आप सबकी बाते सुनने आए हैं। शाहीन बाग  में एडवोकेट हेगड़े ने आने से पहले ट्विटर शोशल मिडिया के जरीये गतिरोध खत्म करने के लिए पुरे देश से सुझाव भी मांगा।

अदालत का कहना हे कि आप कहीं और वैकल्पिक जगह तलाशे


कोर्ट ने शाहीन बाग में के सड़क का रास्ता खोलने के लिए तीन दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा आपलोगो को धरना देने का पुरा अधिकार है। अदालत ने साथ में यह भी कहा कि आप कहीं और ऐसी जगह अपना प्रदर्शन जारी रखने जहां कोई यातायात बाधित न हो सके। इस लिए हीं कोर्ट ने इन मध्यस्थों के जरीए जो वहॉं के सभी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर इस रास्‍ते को खुलवाने के लिए कोई रास्ता निकालने को भेजा था।

16:08

आधार फर्जीवाडे के शक के कारण अधार अथॉरिटी ने हैदराबाद के 127 लोगो को दस्‍तावेज दिखाने को कहा

आधार फर्जीवाडे के शक के कारण अधार अथॉरिटी ने हैदराबाद के 127 लोगो को दस्‍तावेज दिखाने को कहा


आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने तेलंगाना पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार करीब 127 लोगों को आधार अथॉरिटी ने नोटिस भेजा है। पुलिस के रिपोर्ट में इन लोगों पर अवैध प्रवासी होने की आशंका जाहिर कि गयी है। इस पर अधार अथॉरिटी के द्वारा भारत में रह रहे इन लोगो से भारतीय होने का सबूत मांगा हैं। इसको लेकर नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी अब सवाल उठा दिया है। 


आधार फर्जीवाडे के शक के कारण अधार अथॉरिटी ने हैदराबाद के 127 लोगो को दस्‍तावेज दिखाने को कहा

इस मामले में विवाद बढ़ जाने के कारण अधार यूआईडीएआई अथॉरिटी को मंगलवार को आगे आकर सफाई भी देनी पड़ी है अधार अथॉरिटी ने बताया है कि हम सिर्फ ऐसे लोगो को हीं नोटिस भेजा है जिन्‍होने अपनी झूठी जानकारी देकर अपना आधार कार्ड बनवा लिया है। इस तरह की नोटिस से किसी की भी नागरिकता से कोई भी लेना-देना नहीं है। ऐसे लोग जिन्‍होने अपनी जाली दस्तावेज देकर अपना अधार कार्ड बनवाया है इन सभी को जॉंच के बाद इनके इस आधार कार्ड को रद्द कर दिया जाऐगा।

यूआईडीएआई आधार ने अपने बयान में बताया कि - आधार कार्ड किसी की भी नागरिकता का दस्तावेज नहीं होगा। अथॉरिटी का मानना है कि आधार कानून के तहत हीं काम करता है। इस सभी एक्ट के माने तो किसी भी व्‍यक्ति को अपने लिए आधार नंबर हासिल करना हो तो इसके लिए उस व्‍यक्ति को कम से कम 182 दिन तक इस देश में रहना बेहद जरूरी है।

 इसके बाद कोई नोडल बॉडी उस व्‍यक्ति के लिए 12 अंकों का यूनिक आधार नंबर जारी कर सकता है। और देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसी भी अवैध व्‍यक्ति या प्रवासी को कतई आधार कार्ड जारी नहीं किया जा सकता है।

यमन से आये एक नागरिक को गिरफ्तारी के बाद रिपोर्ट तलब कि गई


पिछले कुछ दिनों पहले हैदराबाद की पुलिस ने एक यमन के नागरिक को गिरफ्तार करा था। उस नागरिक पर फर्जी आधार कार्ड एवं पासपोर्ट बनवाने का भी आरोप था। इसके कुछ दिन बाद हीं पुलिस ने इन सभी 127 लोगों से जुड़ी आधार कार्ड की रिपोर्ट को अधार अथॉरिटी को भेज दिया था।

उसके बाद यूआईडीएआई के डिप्टी डायरेक्टर कि तरफ से इन सभी को 20 फरवरी तक इनके ऑफिस में आकर अपने दस्तावेज को सत्यापित कराने का निर्देश जारी किया गया था। वहीं अधार अथॉरिटी ने उन्हें अब अपने दस्तावेज जुटा कर भेजने के लिए और अतिरिक्त समय भी दिया है। 

अब इन सभी 127 लोगो को मई 2020 में इन अधिकारियों के सामने अपने दस्‍तावेज के साथ पेश होना होगा। ओवैसी ने यह आरोप लगाया है कि क्‍या आधार अथॉरिटी को किसी कि नागरिकता मांगने का अधिकार क्‍या है फिर इन्‍होने कैसे इन नागरिको से भारत के नागरिक होने के दस्‍तावेज मांगे है इसी पर अधार अथॉरिटी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी।


15:46

वेस्‍ट सेंट्रल रेलवे ने व‍िभिन्‍न ट्रेडों के लिए निकाली 570 पदों पर भर्ती

वेस्‍ट सेंट्रल रेलवे ने व‍िभिन्‍न ट्रेडों के लिए निकाली 570 पदों पर भर्ती


भारत के वेस्ट सेंट्रल रेलवे के द्वारा विभिन्न ट्रेडों में अप्रेंटिस की कुल 570 पद पर भर्ती करने के लिए आज नोटिफिकेशन को किया गया है। इन सभी पदों के लिए एवं इसकी योग्यता रखने वाले सभी उम्मीदवार को आखिरी तिथी तक इसकी दी गयी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन अप्लाय कर पायेंगें।


वेस्‍ट सेंट्रल रेलवे ने व‍िभिन्‍न ट्रेडों के लिए निकाली 570 पदों पर भर्ती

इसकी क्या होगी एलिजिबिलिटी 


देश के कोई भी मान्यता प्राप्त बोर्ड एवं शैक्षिण संस्था से 10th और 12th  में न्यूनतम अंक 50 फीसदी होनी चाहिए और साथ में इसके संबंधित ट्रेड में आईटीआई का सार्टिफिकेट भी मांगा गया है। इस विषय में और अधिक जानकारी पाने के लिए इसकी ऑफिशियल नोटिफिकेशन को देख सकते है। 

आयु की कितनी सीमा  होगी


इसमें 3 फरवरी 2020 से न्यूनतम 15 वर्ष एवं अधिकतम उम्र 24 साल तक रखी गई है। इसमें सभी एससी/एसटी के उम्‍मीदवार को 5 साल एवं ओबीसी उम्‍मीदवार को 3 साल उम्र की अधिकतम सीमा में छूट प्रदान की गयी है। 

स्टाइपेंड क्‍या दिया जाऐगा  


जी हॉं नियम को घ्यान में रखते हुए हर महीने सफल उम्‍मीदवरों को स्टाइपेंड दिया जाना है। 

आवेदन करने की आखरी तारीख  क्‍या होगी

आवेदन करने की आखरी तारी15 मार्च, 2020 रखी गयी है

कैसे कर सकते है आवेदन


रेलवे की अपनी ऑफिशियल वेबसाइट जो कि www.wcr.indianrailways.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन अंतीम तारीख से पहले आप सभी कर सकते हैं।

इसमें चयन की प्रक्रिया  कैसे होग


जो भी उम्मीदवारों का नाम इसके मेरिट लिस्ट में आयेगा उसके बेसीक पर हीं सफल उम्‍मीदवारो को चयन किया जाएगा।
इसकी ऑफिशियल नोटिफिकेशन को देखने के लिए  यहां पर क्लिक करें

Tuesday, 18 February 2020

23:45

करोनावायरस के कारण एलईडी बल्‍ब भारत में 10% तक महंगे हो जाऐंगे अगले महिने

करोनावायरस के चलते एलईडी बल्‍ब भारत में 10% तक महंगे हो जाऐंगे अगले महिने

चीन में पिछले कुछ वक्‍त से कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में होने के कारण भारत की बाजार में कुछ वस्तुएं महंगी हो जाऐगी। मार्च महिने से भारत में एलईडी बल्ब 10% तक महंगे होने का अनुमान हैं। हम बता दे कि भारतीय इलेक्ट्रिक लैम्प & कंपोनेंट मैन्युफैक्चर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने (ईएलसीओएमए) कि रिपोर्ट के अनुसार चीन से कच्‍चा माल की सप्लाई घटने के कारण कीमतो की बढ़ने की आशंका है। 


करोनावायरस के कारण एलईडी बल्‍ब भारत में 10% तक महंगे हो जाऐंगे अगले महिने

ईएलसीओएमए प्रेसिडेंट सुमित पद्माकर जोशी ने के अनुसार देश में एलईडी बल्ब की मैन्युफैक्चरिंग आदि मे  इस्तेमाल होने वाले कम से कम 30% कंपोनेंट का सपलाई चीन हीं अब तक होता आया हैं, लेकिन चीन में फैले करोनावायरस के कारण कंपोनेट की सप्लाई काफी कम हो रही। इसका कारण भी कोरोना वायरस हीं है क्‍योकी चीन में इसके कारण इन कंपोनेंट का प्रोडक्शन भी कम हो गया है।

भारतीय मैन्युफैक्चरर चीन से अलावा दुसरे देशों से भी इंपोर्ट करने के विकल्प भी खोज रहे है


इन कंपोनेंट की सप्लाई में हो रही कमी के कारण हीं कनेक्टेड लाइटिंग सॉल्यूशंस एवं प्रोफेशनल लाइटिंग के सेगेमेंट में काफी अधिक प्रभावित हुए है। इस प्रकार की सेगमेंट का इंपोर्टेड कंपोनेंट पर अधिक निर्भरत करता है। एलईडी के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों के पास मात्र फरवरी माह तक का हीं सिर्फ स्टॉक बचा है। 

अगले महिने जो भी प्रोडक्ट बल्‍ब बाजार में आयेंगें उनकी कीमतें थोड़ी होने वाली है। उनका कहना था कि सप्लाई तो जनवरी महिने से ही कम होनी शुरू हो गयी थी। पर सभी इंडस्ट्री ने सोचा कि शायद यह कुछ दिनों के लिए हिं है हालत कुछ हीं दिनों में सुधर जाएंगी पर ऐसा हुआ नहीं। बल्‍की हर सप्‍ताह इसके स्टॉक में कमी आती गयी।

ऐसे हालात से निपटने के लिए हमारे देश के मैन्युफैक्चरर्स सेक्‍टर के लोग ताइवान, हॉन्गकॉन्ग एवं अन्‍य दक्षिण कोरिया जैसे देशों से इस कंपोनेंट को मंगवाने की कोशिक में लगे हैं।

हालात कब तक सामान्य होगी


जोशी प्रेसिडेंट के मुताबिक मौजूदा जो हालात है उसे 15-20 दिन में को सुधर नही सकती है। कारखाने तो खुल चुके हैं पर 100% काम नहीं हो पा रहा है। और पर्याप्त वर्कर भी नहीं रहें अब। हालत पुरी तरह सामान्य होने में अभी 3-4 महीने तक का वक्‍त और लग सकता है। 

भारतीय उद्योगों को भी इससे सबक ले कर आत्मनिर्भर बनने कि जरूरत है सिर्फ लाइटिंग इंडस्ट्री के लिए हीं नहीं बल्कि अन्‍य भी और उद्योगों के लिए ऐसा सोचने और उस दिशा में काम करने की जरूरत है। और हमारी भारतीय मोदी सरकार के लिये भी एक चैलेंज है कि वह अपने मेक-इन-इंडिया अभियान में अधिक तैजी लाए हम दंसरे देशों पर लंबे समय तक निर्भर नहीं रह सकते है।

21:45

फोबिया क्या है और कैसे होता है

किसी भी सुंदर लड़की को देखकर आपको अगर डर लगने लगता है तो यह डर कही आपको फोबिया की बीमारी तो नहीं है।


फोबिया क्या है और कैसे होता है



फोबिया से जुड़ी जानकारी:-



अब के समय में फोबिया (fobia) एक आम बीमारी होते जा रही है, जिसे लोग जानते हुए भी नजर अंदाज कर दिया करता है। वास्तव में लोग किससे डर जाते हैं ये जानना जरुरी है।

9 बड़े फोबिया जो सबसे सामान्य नजर आते हैं, उदाहरणार्थ जान लेते हैं।
कुछ सामान्य फोबिया के बारे में जैसे अगोरा फोबिया,सामाजिक चिंता फोबिया ही इस तरह के फोबिया में लोगो को आमतौर  पर इंजेक्शन (injection), जानवर एवं खून से डरते हैं और साथ ही साथ दूसरे तरह की स्तिथी भी शामिल होती है, जानते है कितने तरह के डर से हम सभी डर जाया करते हैं।

डर लगता तो सबको है हद से ज्यादा डर बढ़ जाये तो मानसिक से विछिप्त होने लगता है, मानसिक विकार उतपन्न हो जाता है। driving करते समय भी डर लगता है कभी - कभी तो सुन्दर स्त्रियां ( लड़की ) दिख जाये तो भी डर लग जाता है, एक बजट यह भी fobia kahlati है।


फोबिया के प्रकार :-


Natural Environment

1. Astrafobia 2. Dendro फोबिया 3. Hydrofobia

Animals:-

1. Synofobia 2. Baitrakofobia 3. Aqeenofobia

Health treatment :-

1. Dertofobia 2. Trpanofobia 3. Hemofobia

Situation:-


1. Golosofobia 2. Clastrofobai 3. Airofobia

1. Astrafobia ( आस्ट्रेफोबिया ) :- इस तरह का फोबिया में गड़गड़ाहट तथा बिजली के कड़कने का डर, इस तरह के स्तिथी से सामान्य लोग ऐसी परिस्थितियों में डर जाते हैं।

20:48

निभर्या के दोषियों को 3 मार्च को भी नही होगी फांसी - AP SINGH

निभर्या के दोषियों को  3 मार्च को भी नही होगी फांसी  


राष्ट्रपति के पास फासी न होने के लिए दया याचिका भेजे जा सकते हैं। चारो दोषियों में से एक के खिलाफ एक मुकदमा दिल्ली हाईकोर्ट में भी अभी तक चलता आ रहा है, जब तक इस मुकदमें पर फैसला नहीं आ जाता तब तक फांसी नहीं दीया जा सकता। पिछले 7 साल से लड़ रहे निर्भया के दोषियों के बचाव के लिए वकील एपी सिंह ने कहा है। उन्होंने यह बोला है कि मेरे से  लिखकर रख लो, 3 मार्च २०२० को फांसी बिल्‍कुल नहीं हो पायेगी।


निभर्या के दोषियों को  3 मार्च को भी नही होगी फांसी - AP SINGH


एपी सिंह वकील ने बतायाकि मैं क्लाइंट से भी मिलूंगा। उनके कानूनी विकल्प जो बचे है उस बातचीत करूंगा फिर वे भी वह लोग चाहेंगे या उनका परिवार जो चाहेंगे, वो में करूंगा। अभी कई और कानूनी विकल्प भी बचे हैं। इन विकल्‍पो का उपयोग भी किया जाना है। भारत के राष्ट्रपति के पास दोबारा से इन दोषियों की दया याचिका भी भेजी जाएगी और अगर खारिज होती है तो फिर और जो भी विकल्प बचे होंगे इसका भी उपयोग करेंगें।

उनसे जब पुछा गया कि क्या आगे भी आप एक-एक कर के इन कानूनी विकल्पों का  उपयोग करेंगें, क्या इन चारों लोगो की याचिकाएं एक साथ आप नहीं भेजेंगें? इस पर उन्‍होने जवाब दिया कि - दया याचिका जब किसी की भेजी जाती है तो सभी क्लाइंट का आधार एक नहीं होता है आधार अलग-अलग होते है। इसलिए दोषियों कि एक-एक कर के ही ये याचिकाएं लगानी होती है।

एपी सिंह के बयान से ऐसा लगता है कि 2 से 3 महीने तक भी इन दोषियों की फांसी को बड़ी आसानी से टाल सकते है। जब एपी सिंह से पुछा गया कि क्‍या सभी प्रकार की कानूनी विकल्प उपयोग कर अधिक से अधिक कितने समय तक के लिए इस फांसी को टाला जा सकता है? इस पर एक बात कोट कर एपी सिंह ने लिखने के लिए कहा, ''न मैं कोई परमात्मा हूं।

और ना हीं मैं यमराज हूं। मैं तो सर्फि एक वकील हूं। जो भी हमारे क्लाइंट कहेगें और उनका जो परिवार के लोग कहेंगे, उनको भारतीय संविधान के अनुसार, हम सुप्रीम कोर्ट एवं लैंडमार्क के जजमेंट के अनुसार सभी को हम कानूनी विकल्प भी उपलब्ध कराते ही रहेंगें। बेशक इन दोषीयों के केस में मीडिया का ट्रायल कुछ ज्‍यादा हुआ है। पब्लिक का और पॉलिटिकल प्रेशर भी कोर्ट और सरकार पर है लेकिन इससे मैं न्याय की तराजु  को झुकने बिल्‍कुल नहीं दूंगा।''